बालाघाट के तीन कोविड सेंटर को बंद करने की तैयारी ! 1 बालाघाट के तीन कोविड सेंटर को बंद करने की तैयारी ! 2 क्या मौतो की संख्या छिपाई जा रही, आखिर कब तक प्रशासन छुपाएगा मौतों का आंकड़ा ? 3 आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये किरनापुर कालेज में बनेगा कोविड वार्ड रोगी कल्याण समिती की बैठक में लिया गया निर्णय , विधायक हिना कावरे ने लोगों से वेक्सीन लगाने की की अपील बालाघाट शहर मे खोले गए तीन कोविड सेंटरो को बंद करने की तैयारी शुरू हो गई है। क्या बालाघाट में कोविड मरीजो की संख्या मे कमी आ गई है। क्या स्वास्थ्य विभाग के अमले का टोटा उत्पन्न हो गया? इन कोविड सेंटरों मे संसाधनो की एकाएक कमी हो गई। तो फिर इन कोविड सेंटरो को बंद करने की सुबगुहाट क्यो है। जिन कोविड सेंटरो में ताला लगाने की तैयारी है उनमें बुढ़ी आईटीआई के पीछे कोविड सेंटर, मुलना के कराते सभागृह, ,पटवारी प्रशिक्षण कार्यालय शामिल है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इसे गोपनीय रखा गया है। हालांकि इन तीन कोविड सेंटरो को बंद करने की कोई सूचना अधिकारिक रूप से नही दी गई है। पंरतु तैयारियां शुरू कर दी गई है। आगामी दिनों में इसे बंद करके गोंगलई कोविड सेंटर मे सभी कोविड मरीजो का ईलाज किया जाना है। सूत्रो ने बताया कि इसकी सारी तैयारियंा पूरी हो चुकी है। गोंगलई के केन्द्र मेें मरीजो के ईलाज होने से सीमित संसाधनो के बीच कोविड मरीजो का अच्छा ईलाज हो सकेगा। 2 बालाघाट शहर और ग्रामीण ईलाको से जिस तरह की कोरोना संक्रमण काल में मौतो की संख्या बढकर आ रही है उसके अनुपात मे सरकारी आकड़े काफी कम है। क्या कोरोना से हो रही मौतो को छिपाया जा रहा है। संक्रमण काल के दूसरे दौर में अप्रैल माह के पहले हफ्ते से अभी तक दी गई जानकारी में यह नही बताया जा रहा है कि बालाघाट शहर के किस अस्पताल में कब और कितनी कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। साथ ही ग्रामीण ईलाको मे कहा और कितनी कोरोना मरीजो की मौत हुई है। इसकी जानकारी नही दी गई है। जारी किए जाने वाले स्वास्थ्य बुलेटिन मे सिर्फ कुल मौतो की संख्या बताई जाती है। यदि उन संख्या पर नजर दौड़ाई जाए तो उसस कहीं अधिक जिला चिकित्सालय हो या निजी अस्पताल हो वहां हो रही मौतो की संख्या से काफी उलट है। मोक्षधाम में हो रहे अंतिम संस्कार चीख चीख कर कह रहे है कि कोविड मृत मरीजो की संख्या कहीं अधिक है। यदि गांव गांव मे सज रही चिताओं और मोक्षधाम में जल रही चिताओं की संख्याओं को जोड़ा जाए तो आकड़े डरावने है। सूत्रो के अनुसार पिछले दो दिनो मे अकेले जिला चिकित्सालय मे आधा दर्जन से अधिक कोविड मरीजो का शव मोक्षधाम भिजवाया गया है। बालाघाट मे जो हालात है उसकी वास्तविकता कहीं ना कहीं अछूता रखा गया है और हो रही मौतो के आकड़ो को भी छिपाया गया है। 3 किरनापुर जनपद पंचायत में विधायक हिना कावरे की उपस्थिति में रोगी कल्याण समिती की बैठक ली गई । जिसमें वैज्ञानिक के द्वारा संकेत अनुसार कोराना माहामारी की तीसरी लहर की आंषका के चलते मुख्यालय में स्थित स्व. दिलीप भटेरे षासकिय महाविद्यालय में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये कोविड मरिजों के लिये आक्सीजन प्लांट एवं 50 बिस्तर का आक्सीजन युक्त वार्ड बनाने के बात कही गई । यह वार्ड आरक्षित तौर से रखा जायेगा जब लांजी या बालाघाट में स्थित कोविड वार्ड में मरीजों को बेड या आक्सीजन की कमी होने पर इस कोविड वार्ड का उपयोग किया जाना बताया जा रहा है । विधायक हिना कावरे द्वारा किरनापुर में भी कोविड वार्ड को सर्वसुविधा युक्त बनाने के लिये विधायक निधि से आक्सीजन प्लांट व रोगी कल्याण समिति से एक एम्बुलेस लाने की बात कही गई । 4 खैरलांजी। खैरलांजी पुलिस की नकारा कार्यप्रणाली देखिये ग्राम सावरी के सावरी टोला निवासी महेन्द्र माहुले पुत्र और उसके मां एनुबाई माहुले द्वारा थाने में लिखित शिकायत की गई कि उनको मोहल्ले के ही पिता और उसके दो पुत्रों द्वारा जमीन के विवाद को लेकर अनावश्यक रुप से आये दिन परेशान किया जाता है। इनके विवाद को लेकर पूर्व में ग्राम पंचायत में बैठक भी हुई और आरोपी पक्ष को समझाइस भी दी गई थी कि जमीन पीडि़त पक्ष की ही है क्योंकि जमीन के कोई वैध दस्तावेज आरोपी लोग प्रस्तुत नही कर पाए थे। लेकिन इसके बाद भी आरोपी पक्ष की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नही हुआ और पुरानी रंजिश को लेकर लगातार इनके द्वारा पीडि़त परिवार को परेशान किया जाता रहा। परिणामस्वरूप २ मई २०२१ को पीडि़तों द्वारा थाने की शरण ली गई जिसकी सूचना थाने में पदस्थ एएसआई पटले द्वारा स्वयं लिखी गई। इसके बाद ७ मई को रिपोर्ट से आग बबुला होकर कलीराम लिल्हारे और दोनों पुत्रों श्याम रतन और रुपरतन लिल्हारे सहित अन्य द्वारा मारपीट की गई जिससे महेंद्र माहुले और एनुबाई गम्भीर रुप से घायल हो गए। जिसकी सूचना पुलिस को मिलने के बाद पुलिस द्वारा घायलों को खैरलांजी अस्पताल पहुंचाकर प्राथमिक उपचार करवाया गया लडके की हालत गम्भीर होती देख उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 5 जिले मे ३ दिनो से चक्रवती तुफान के हो रही तेज बारिश ने अपना कहर बरसा कर किसानो के माथे पर चिंता की लकीर दिखाई देने लगी है। वही जिले केे ग्रामीण क्षेत्र समनापुर में बेमौसम बारिश से जहां किसान चिंतित हो उठे है वही रब्बी फसल जो कटने के लिए तैयार हो गई है उस पर संकट के बादल छाते हुए नजर आ रहे है। मंगलवार की दोपहर हुई तेज बारिश से नाले उफान मारने लगे। 6 लामता में तेज बारिश के साथ ओले गिरे बालाघाट। जिले मे ३ दिनो से चक्रवती तुफान के हो रही तेज बारिश ने अपना कहर बरसा कर किसानो के माथे पर चिंता की लकीर दिखाई देने लगी है। वही जिले केे ग्रामीण क्षेत्र लामता में बेमौसम तेज बारिश के साथ साथ ओले भी गिरे। जिससे किसानेा की फसलो को काफी नुकसान हुआ है। यह चक्रवती तुफान ने जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रो में अपना कहर बरसाते हुए किसानो को सकंट मे डाल दिया है। 7 तहसील मुख्यालय खैरलांजी मे ११ मई को शासकीय हास्पीटल फिवर क्लीनिक के सामने कमल दमाहे द्वारा संचालित खुशबू रेस्टारेंट एंड होटल में कुछ दिनों से सटर बंद कर सुबह पोहा बेचने का काम किया जाता था एवं दोपहर में समोसा बेचने का काम किया जाता था , कमल दमाहे द्वारा संचालित होटल मे हास्पिटल के मरीज भी उस दुकान में आ कर पोहा ,समोसा खरीदने का कार्य किया करते थे, संचालित होटल की सुचना जैसे ही खैरलांजी नायब तहसीलदार सतीश चैधरी , थाना प्रभारी रामबाबू चैधरी को लगी तत्काल वे दल बल के साथ खुशबू रेस्टोरेंट पहुंचे एवं दुकान को सील कर दिया गया , खुशबू रेस्टोरेंट को सील होते देख अन्य व्यापारियों मे भी दहशत का माहौल देखा गया,