तड़प तड़प कर तोड़ रहे दम 1 जिला चिकित्सालय बना नर्क , कोरोना मरीजो को ढकेला जा रहा मौत के मुंह मे 2 जूनियरो के भरोसे कोविड वार्ड,तडप तड़प कर दम तोड़ रहे मरीज 3 प्रसुता महिला को जिला चिकित्सालय से भगाया, मजबूरी मे प्राईवेट में कराई गई डिलेवरी 1 जिले के गरीब जरूरतमंद लोगो के लिए एक मात्र ईलाज का स्थान जिला चिकित्सालय है। जहां इन दिनों कोरोना मरीजो का ईलाज किया जा रहा है और इसकी आड़ में अन्य दूसरी बिमारी का ईलाज अघोषित रूप से बंद कर दिया गया है। लेकिन, यहां कोरोना मरीजो का जिस तरह से ईलाज हो रहा है। वह नरक से भी बदत्तर है। कोरोना वार्डो में चिकित्सक नही जाते ,नर्से मरीजो से दूरी बनाती है। बेड के साथ साथ जमीन पर भी मरीजो को लेटा दिया गया है। ईलाज भगवान भरोसे है। चिकित्सको के मोबाईल बंद रहते है। कोरोना मरीजो की देखभाल के लिए सभी डाक्टरो की ड्यूटी लगाने मे डा पांडे असफल साबित हुए है। जिम्मेदार डाक्टर कोविड पाजीटिव होकर घरो मे बैठे है। लोग तो यह भी कह रहे है कि एैसे डाक्टरो की पाजीटिव रिपोर्ट की जांच होनी चाहिए और दुबारा इनका टेस्ट किया जाना चाहिए। यदि वाकई मे गलत रिपोर्ट के सहारे कोरोना ड्यूटी से बचने का प्रयास किया जा रहा है तो यह बेहद शर्मनाक है और व्यवस्था को खुली चुनौती है। 2 जिला चिकित्सालय में जिस वार्ड में कोरोना मरीजो को भर्ती किया गया है वहां का हाल बहुत ही बुरा है। वहां के बेड पर मरीज है और कई बेड पर दो दो मरीज है और कई तो कई मरीज को फर्श का बेड बिछाकर रखा गया है। कोई भी जिम्मेदार सीनियर डाक्टर दिन मे एक भी बार इस बार्ड मे नही जाते,कोरोना संक्रमण काल मे अस्थाई तौर पर रखे गए आयुष चिकित्सको को इस वार्ड की जिम्मेदारी दे दी गई है। जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड मे भर्ती एक मरीज ने वार्ड की व्यवस्था से व्यथीत होकर एक वीडियो बनाने को मजबूर हुआ। इस वीडियो मे एक मरीज को तड़पते हुए दिखाया गया है। जिसकी देखरेख के लिए कोई भी मेडिकल स्टाफ सामने नही आ रहा है। बल्कि वहां के सफाई कर्मी मरीजो के साथ दुव्यवहार करते हुए नजर आ रहे है। वीडियो के माध्यम से जिला चिकित्सालय की पोल खोलकर रख दी है। वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। कुछ जिम्मेदारो ने यह वीडियो मुख्यमंत्री ,चिकित्सा मंत्री ,मुख्य चिकित्सा सचिव को भी भेजा है। देखना है कि जिम्मेदारो की आंखो मे पड़ी पट्टी हटती है या नही। 3 जिला चिकित्सालय के डाक्टर कितने निष्ठोर हो सकते है उसकी पराकाष्टा को देखने मिली। जिला मुख्यालय से 60किमी दूर बैहर से एक एैसा परिवार जो पिछले ४८ घंटे से जिला चिकित्सालय मे इस उम्मीद से आया कि उसकी बहु जो ९ माह से गर्भवती थी। जिसको डिलेवरी की असहनीय पीड़ा हो रही थी। एैसे मरीज को जिला चिकित्सालय के प्रसुता वार्ड में घुसने भी नही दिया गया। बल्कि एक दिन तो यह कहकर टाल दिया गया कि मरीज की कोविड टेस्ट करवाकर रिपोर्ट लेकर आओं तभी मरीज को देखेंगे। 4 वारासिवनी के आम्बेडकर सामुदायिक भवन में बनाया गया कोरोना कोविड सेंटर जिले के लिए एक मिशाल के रूप मे सामने आया है। जहां एक जनप्रतिनिधि की सोच काबिलियत और प्रबधन की झलक देखते ही बनती है। क्षेत्र के विधायक प्रदीप जायसवाल इस संकट काल में अपने क्षेत्र के गरीब लोगो के लिए आशा की किरण बनकर उभरे है। उनकी दिन रात की मेहनत ने जिले के अन्य जनप्रतिनिधियो को राह दिखाई दी है। जिसमें यदि कोई सक्षम जनप्रतिनिधि ठान ले तो वह अभाव मे भी वह सब कुछ कर सकता है जो लोगो की आवश्यकता है। इस कोविड सेंटर में ५० बेड है। जिन पर मरीजो का ईलाज हो रहा है। इसके अलावा अतिरिक्त बेड बिछाकर मरीजो को हर संभव मदद दी जा रही है। 5 कोरोना के ईलाज मे चाहे सरकारी अस्पताल हो या प्राईवेट, सभी जगह बालाघाट के गरीब लोगो को भटकाया और परेशान किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय मे जो हो रहा है उसे सहने के अलावा लेागो के पास दूसरा विकल्प नही है। जांच केन्द्रो में डाक्टर की बजाए टेक्शीनियन जांच कर रहे है। जांच की रिपोर्ट और सीटी स्केन की फिल्म के लिए भटकाया जा रहा है। अस्पताल मे भर्ती मरीजो को सिनियर डाक्टर देख नही रहे है। इन सारी अव्यस्था और अराजकता के बावजूद बालाघाट में मरीज या उसके परिजन द्वारा हंगामा खड़ा करने की खबरे देखने को या सुनने को नही मिलती जबकि महानगरो से लेकर बालाघाट के पड़ोसी जिलो मे आए दिन एैसे पेशेवर लोगो को सबक सिखाने के लिए मारपीट जैसी घटनाएं होती रहती है। 6 जिम्मेदारी के साथ अपना फर्ज निभाते-वैश्विक महामारी कोरोना पर काबू पाने के लिए शारीरिक दूरी का पालन व मास्क फिलहाल ठोस उपाय है लेकिन अधिकांश लोग दोनों उपाय को नजरअंदाज कर सड़क पर घूम रहे हैं इस पर अंकुश लगाने के लिए बिना मास्क पहनकर बाहर निकलने वाले लोगों की जांच कर पुलिस की कार्यवाही के दौरान कई बिना मार्क्स पहने मिले जिनको रोककर उनसे जुर्मर्थदंड वसूला गया वहीं उठठक- बैठक लगवाई गई पुलिस ने इस दौरान बाइक चालक टैक्सी चालक के अलावा वाहनों पर बैठे यात्रियों की भी जांच की जिस वाहन चालक ने मार्क्स नहीं पहने थे उनसे सख्ती के साथ पेश आई 7 कोरोना संक्रमण मरीजों की सं या जिले में तेजी से बढ़ते जा रही है जिसे दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर दीपक आर्य ने ४ मई से नगरीय क्षेत्र में स्थित समस्त रिटेल आउटलेट पेट्रोलध्डीजल पंप को आगामी आदेश तक रोजाना शाम ५ बजे से रात ८ बजे तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। जिसके चलते मंगलवार को शाम ५ बजे पेट्रोलध्डीजल पंप संचालकों द्वारा प प बंद कर दिया गया। अचानक आदेश जारी होने से इस बात की जानकारी लोगों को नहीं होने से शाम ५ बजे के बाद भी लोग पेट्रोल प प में पहुंच पेट्रोल प प संचालकों से पेट्रोल व डीजल देने की मिन्नत करते रहे। लेकिन प प संचालकों ने आदेश का हवाला देते हुये रात ८ बजे के बाद ही पेट्रोल व डीजल प्रदाय किए जाने बोल वाहन चालकों को वापस लौटा दिया। जिससे वाहन चालक भी पेट्रोल नहीं मिलने से परेशान होते रहे। 8 हमारे समाज मे अगर कुछ बुरे लोग है तो अच्छे लोगो की कमी भी नही है।जब जब देश के ऊपर कोई विपदा आई है तब तब देश की जनता ने जमकर मुकाबला किया है।आज हर तबके के लोग मदद के लिए आगे आकर लोगो की मदद कर रहे हैं।शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, अन्य विभाग, समाजसेवी, सामाजिक संगठन आदि ने जिससे जो बना वह मदद के लिए आगे बढ़ कर लोगों की मदद कर रहा है।इसी कड़ी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बैहर में राम रोटी सेवा चला रहे है।जिसमे कोरोना से संक्रमित लोगो के लिये भोजन का व्यवस्था कर रहे हैं।बैहर तहसील स्वास्थ्य, शिक्षा एवं संपन्नता के मामले में बहुत पिछड़ा हुआ है।