क्षेत्रीय
11-May-2021

भोपाल - कोरोना महामारी के दौर में इंदौर के तीन इंजीनियर ने मानवता की अनोखी मिशाल पेश की है। इंजीनियरो की यह तिकड़ी शासकीय अस्पतालों के रेड जोन में जाकर पीएम केयर्स फंड के वेंटिलेटर निशुल्क इंस्टॉल करने का काम कर रही है। दरअसल पीएम केयर्स फंड से सभी जिला अस्पतालों को आधुनिक वेंटिलेटर भेजे गए थे। यह इनवेसिव वेंटीलेटर गंभीर कोरोना मरीज के जीवन को बचने में बहुत ही मददगार है लेकिन इन्हे स्टॉल करने के लिए इंजीनियर नहीं मिल रहे थे। एक दिन अस्पताल में भर्ती सांसों के लिए संघर्ष करते अपने दोस्त की मदद न कर पाने से हताश पंकज क्षीरसागर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालते हुए लिखा था कि लोग बड़ी विकत परिस्थितियों में है हम प्रयासों के बाद भी कुछ नहीं कर पा रहे है। पंकज क्षीरसागर की इस पोस्ट के बाद चिराग शाह ने पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा मैं मेकैनिकल इंजीनियर हूं। सुबह मैदान पकड़ते है कुछ करते है। दूसरे दिन तीसरे साथी शैलेंद्र सिंह के साथ टीम तैयार हुई और चल पड़े अस्पतालों में बंद वेंटिलेटर को चालू करने। इंजीनियरो की यह तिकड़ी कोरोना संकट में प्रदेश के अस्पतालों में जाकर अपनी जान जोखिम में डालकर धूल खा रहे अत्याधुनिक वेंटिलेटर को निशुल्क स्टॉल करने का काम कर रही है। इसके साथ ही ये इसे ऑपरेट करने का तरीका भी बता रहे है। इंजीनियर अभी तक इंदौर सागर धार शुजालपुर सहित अनेक जिलों में वेंटिलेटर स्टॉल कर चुके है। अपने इस नेक काम के चलते इंजीनियरों की इस तिकड़ी ने देश में वेंटिलेटर एक्सप्रेस के नाम से एक अलग पहचान बना ली है।


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